हिमाचल प्रदेश में ऑनलाइन मिलने वाली जमाबंदी में अब पटवारी के डिजिटल साइन होंगे। शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक में जमाबंदी सेवा को पूरी तरह से ऑनलाइन करने का फैसला लिया गया। जमाबंदी को ऑनलाइन निकालने के बाद उसे अपडेट करने के लिए पटवारी के हस्ताक्षर और मुहर लगवानी पड़ती है।
नई व्यवस्था में अब ई-डिस्टि्रक्ट पोर्टल पर आवेदन करने के बाद पटवारी इसी पोर्टल पर इसे अपडेट कर डिजिटल हस्ताक्षर करेगा। इससे पटवारखाने के चक्कर काटने से निजात मिलेगी। इसके लिए आवेदन के साथ 50 रुपये शुल्क रखा गया है।मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शुक्रवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक विधानसभा परिसर में हुई। बैठक में एसएमसी शिक्षकों को नियमित करने के मामले में भी चर्चा हुई।
मानसून सत्र में कैग रिपोर्ट रखी जाएगी। रिपोर्ट को सदन में रखे जाने पर भी मंत्रणा की गई। कैबिनेट के इस निर्णय के लागू होने के बाद अब कई तरह की सेवाओं के बीच जल्द ही जमाबंदी की सुविधा भी पूरी तरह से ऑनलाइन मिलेगी। अभी जमाबंदी ऑनलाइन निकलती है, लेकिन पटवारी के पास जाकर इसे अपडेट करने के लिए लाल स्याही से हस्ताक्षर सहित कई तरह की जानकारी लिखवानी पड़ती है।
वहीं, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि राजस्व विभाग के सारे रिकॉर्ड का डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है। इसके तहत जमाबंदी, इंतकाल और मुसाबी भी ऑनलाइन उपलब्ध करवाने के लिए प्रक्रिया चल रही है।
हिमाचल प्रदेश नगरपालिका संशोधन अध्यादेश 2025 को विधेयक के रूप में सदन में पेश किया जाएगा। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इसके ड्राफ्ट पर चर्चा की गई। इसके तहत अब नवगठित नगर निकायों के चुनाव इसके गठन से दो साल के लिए टाले जाने का प्रावधान किया जा रहा है। राजस्व विभाग में पंजीकरण और कराधान विधेयक को भी सदन में पेश करने को स्वीकृति दी गई।
हिमाचल प्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) को 957 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की भी राज्य सरकार गारंटी देगी। राज्य मंत्रिमंडल ने इसके लिए मंजूरी दी।
हिमाचल प्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) को 957 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की भी राज्य सरकार गारंटी देगी। राज्य मंत्रिमंडल ने इसके लिए मंजूरी दी।
