हिमाचल में मॉनसून का तांडवः 3 लोगों की मौत, 10 पुल और कई गाड़ियां बहीं, लोगों ने जागकर काटी रात, कई जिलों में दहशत

शिमला,17अगस्त 2025

शिमला/कुल्लू/किन्नौर/लाहौल-स्पीति – हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों में मानसून ने कहर बरपाया। प्रदेश के कुल्लू, शिमला, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में बादल फटने और फ्लैश फ्लड की घटनाओं ने तबाही मचा दी। विभिन्न स्थानों पर पुल बह गए, सड़कें ध्वस्त हो गईं, गाड़ियां बह गईं और घरों में मलबा भर गया। इस भीषण आपदा में 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई इलाकों में हालात अब भी खतरनाक बने हुए हैं।

कुल्लू: श्रीखंड महादेव और तीर्थन घाटी में तबाही

बुधवार शाम कुल्लू जिले के श्रीखंड महादेव के भीमडवारी क्षेत्र में बादल फटने से आनी, निरमंड और तीर्थन घाटी में फ्लैश फ्लड आ गया। बंजार उपमंडल के बठाहड़ में 3 पुल बह गए, 2 कॉटेज, 1 रेस्टोरेंट और 4 वाहन पूरी तरह नष्ट हो गए। कई घरों में मलबा घुस गया, जबकि 2 ट्राउट फिश फार्म भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए।
गुशेणी से बठाहड़ तक की सड़क कई स्थानों पर टूट गई, बिजली और मोबाइल नेटवर्क ठप हो गए। आनी उपमंडल में कुर्पण खड्ड में आई बाढ़ से 3 पैदल पुल बह गए और खड्ड किनारे बसे गांवों में भारी नुकसान हुआ।

शिमला: रामपुर के गानवी में बाढ़, रातभर दहशत

श्रीखंड महादेव में बादल फटने का असर शिमला जिले तक पहुंचा। रामपुर के गानवी गांव में फ्लैश फ्लड से 2 शेड बह गए और 6 शेड क्षतिग्रस्त हो गए। 3 घरों और पुलिस चौकी में मलबा घुसा, जबकि गानवी खड्ड पर बना पुल ढह गया। इसके कारण गानवी, कियाओ कूट, किन्फी कुटरू, सुरू रुपणी कांधीधार और कुंछा गांवों की सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया।
सतलुज नदी में बाढ़ का अलर्ट मिलने के बाद रामपुर बाजार में लोग पूरी रात जागते रहे और सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी करते रहे। कोटखाई में फ्लैश फ्लड से 7–8 कारें मलबे में दब गईं, जबकि ढली और नारकांडा-कुफरी मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ।
किन्नौर: पूह में पुल बहा, सेना ने बचाई जानें

किन्नौर जिले के पूह में रिषि डोगरी घाटी के ऊपरी क्षेत्रों में बादल फटने से होजो नाले में बाढ़ आ गई। इस दौरान सतलुज नदी पर बना पुल बह गया और खेतों में मलबा भर गया। निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूरों के ढारे बह गए, लेकिन समय रहते उन्होंने भागकर जान बचाई।
सेना ने हाई-एल्टीट्यूड ड्रोन और नाइट-ऑपरेशन उपकरण का इस्तेमाल करते हुए फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला। ऊठाऊ सिंचाई परियोजना और भारत-तिब्बत सीमा मार्ग पर भी भारी नुकसान हुआ है।

लाहौल-स्पीति: मयाड़ घाटी और गोंधला में बाढ़

लाहौल-स्पीति जिले की मयाड़ घाटी में करपट नाले में भीषण बाढ़ आई। हालांकि, करपट गांव बहने से बच गया। गोंधला और टीलिंग क्षेत्र में फ्लैश फ्लड से सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। खुरिक गांव के पास भी नाले में पानी बढ़ने से सड़क पर मलबा जमा हो गया, जिसे हटाने के लिए मशीनरी भेजी गई है।
सिरमौर और ऊना: नदियां उफान पर, हाईवे जाम

सिरमौर के राजगढ़ क्षेत्र में 18 घंटे की लगातार बारिश से गिरी, पाताल, बझेतू और पेरवी नदियां उफान पर हैं। भूस्खलन से कई सड़कें बंद हैं, जबकि सेब से लदा एक ट्रक बझेतू नदी में गिर गया, चालक ने कूदकर जान बचा ली।
ऊना जिले में घरों में पानी घुसने से नाराज लोगों ने चंडीगढ़–धर्मशाला हाईवे जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
मौतें और अलर्ट
बीते 24 घंटे में कुल्लू और मंडी जिलों में 3 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य के कई हिस्सों में मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने नदियों और नालों के किनारे न जाने की सख्त सलाह दी है।

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