By Admin / August 4, 2025
दिल्ली से देहरादून तक का सफर बहुत जल्द और भी आसान और तेज़ होने वाला है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा बनाए जा रहे दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के ट्रायल रन को लेकर अब एक बड़ा अपडेट सामने आया है. ट्रायल रन पर आई ताजा जानकारी के अनुसार अब यह हाईवे अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और जल्द ही इसका उपयोग आम जनता द्वारा किया जा सकेगा. आइए जानते हैं एनएचएआई की नई जानकारी के अनुसार इस मेगा प्रोजेक्ट की क्या स्थिति है और आपको इसका तगड़ा फायदा कैसे मिलेगा।
ट्रायल रन की स्थिति क्या है?
NHAI के अनुसार दिल्ली–देहरादून हाईवे की टेस्टिंग और ट्रायल रन का कार्य तेजी से हो रहा है. हाईवे का निर्माण करीब-करीब 90% पूरा हो चुका है. अब इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स, ब्रिज कनेक्शन, टोल इंफ्रास्ट्रक्चर और लाइटिंग का फाइनल फिटमेंट चल रहा है. ट्रायल रन में हाईवे के कुछ हिस्सों पर वाहनों को चलाकर सभी सेफ्टी पैरामीटर्स, ब्रेकिंग पॉइंट्स और स्पीड रेस्पॉन्स को मापा जा रहा है।अधिकारियों के मुताबिक सितंबर 2025 तक ट्रायल रन पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा।
क्या बोले NHAI अधिकारी?
एनएचएआई के चीफ इंजीनियर स्तर के अधिकारी ने बताया है कि “दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के ट्रायल रन में अभी तक कोई बड़ी तकनीकी खराबी नहीं पाई गई है. रेन ड्रेन सिस्टम, गार्ड रेल और राइड क्वालिटी टेस्ट में यह हाइवे अब तक पास हो चुका है.” यह बहुत बड़ी खबर है क्योंकि अब यह हाइवे अपने शेड्यूल से काफी आगे बढ़ चुका है और जनता को मिलने ही वाला है.
दिल्ली–देहरादून अब केवल 2 घंटे में
इस एक्सप्रेसवे के चालू हो जाने के बाद दिल्ली से देहरादून के बीच का सफर केवल 2 से 2.5 घंटे में पूरा किया जा सकेगा. पहले यही दूरी तय करने में 5–6 घंटे तक लगते थे, खासकर भारी ट्रैफिक और पहाड़ी इलाकों की वजह से. ये नया हाईवे 210 किलोमीटर लंबा होगा और पूरी तरह से 6 लेन का रहेगा, जिसे आगे 8 लेन तक एक्सपेंडेबल रखा गया है।
क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
दिल्ली से सहारनपुर, सहारनपुर से हरिद्वार और फिर हरिद्वार से देहरादून तक इस हाईवे पर फ्लाईओवर, टोल फ्री ट्रांजिट, टोल प्लाज़ा, फूड प्लाज़ा, ईवी चार्जिंग स्टेशन, CCTV निगरानी, एंबुलेंस सुविधा और डिजिटल फास्ट टैग टोलिंग सिस्टम जैसी सारी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी. पूरे हाइवे के दोनों ओर ग्रीन बेल्ट और जानवरों के लिए अंडरपास भी बनाए जा रहे हैं।
पर्यावरण और इंफ्रास्ट्रक्चर की समझदारी
NHAI ने इस हाइवे को इको-फ्रेंडली बनाने के लिए खास इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है। हाइवे किनारे सोलर लाइटिंग, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और नॉइज़ प्रोटेक्शन बैरियर्स लगाए गए हैं। इसके अलावा सड़क के किनारे पौधरोपण और मिट्टी कटाव को रोकने की तकनीक भी अपनाई गई है।
लॉन्च डेट और ओपनिंग की उम्मीद
अधिकारियों के अनुसार दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे को अक्टूबर 2025 के पहले सप्ताह में जनता के लिए खोल दिया जाएगा। पहले यह हाईवे चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा, यानी शुरुआत में कुछ हिस्सों को पब्लिक ट्रैफिक के लिए और बाकी को नवंबर तक किया जा सकता है।
