देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हर दिन हजारों लोग रोजमर्रा के सामान की खरीदारी करते हैं. पुराने वक्त में जब बड़े सुपरमार्केट या मॉल नहीं थे, तब थोक सामान के लिए लोग सीधे आढ़त बाजार जाया करते थे. यह बाजार देहरादून का सबसे पुराना थोक बाजार है, जो करीब 120 साल पुराना है. इसे ब्रिटिश काल में शुरू किया गया था. आज भी थोक व्यापारियों से लेकर छोटे दुकानदार तक राशन और मसालों के लिए यहीं से सामान खरीदते हैं।
लेकिन अब इस इलाके में लगातार ट्रैफिक जाम, सामान लोड करने में परेशानी और भीड़भाड़ की वजह से प्रशासन ने इसे दूसरी जगह शिफ्ट करने का फैसला लिया है. आढ़त बाजार को अब ब्राह्मणवाला में शिफ्ट किया जाएगा, जो हरिद्वार रोड पर स्थित है. प्रशासन की तरफ से इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है और जल्द ही व्यापारियों को वहां प्लॉट भी आवंटित कर दिए जाएंगे।
आढ़त बाजार की होगी नई शुरुआत
देहरादून का आढ़त बाजार करीब 10 हेक्टेयर जमीन पर फैला हुआ है. अब इसे ब्राह्मणवाला में उसी क्षेत्रफल में बसाया जाएगा. मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से इसकी सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं. यहां लगभग 350 व्यापारियों को शिफ्ट किया जाएगा।
क्यों उठाया गया यह कदम
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि आढ़त बाजार में ‘बोटल नेक’ यानी तंग जगह की वजह से अक्सर भारी जाम लग जाता है. इसके चलते सड़क चौड़ीकरण की योजना बनी और उसी के तहत आढ़त बाजार को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है.
आढ़त बाजार और तहसील चौक के बीच 430 व्यापारियों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें सड़क चौड़ीकरण की योजना के तहत हटाया जाना है. एमडीडीए ने इन व्यापारियों को दो विकल्प दिए हैं या तो वे मुआवज़ा लें या फिर नए बाजार में प्लॉट. इसमें से लगभग 80 व्यापारियों ने मुआवज़े का विकल्प चुना है जबकि बाकी ने प्लॉट लेना पसंद किया है. मुआवज़े की कुल राशि लगभग 126 करोड़ रुपए आंकी गई है.
सड़क चौड़ीकरण से मिलेगी राहत
शहर के ट्रैफिक को लेकर सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि सहारनपुर चौक से तहसील चौक तक 1.55 किलोमीटर लंबी सड़क को अब 24 मीटर तक चौड़ा किया जाएगा. इससे देहरादून के मुख्य बाजार क्षेत्र में जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकेगी।
कब मिलेगा नया प्लॉट
एमडीडीए के अनुसार अगले महीने से व्यापारियों को ब्राह्मणवाला में प्लॉट आवंटन का काम शुरू कर दिया जाएगा. इसके बाद आढ़त बाजार के शिफ्ट होने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी और स्थानीय लोगों के साथ-साथ व्यापारियों को भी राहत मिलेगी।
