सिरमौर जिला के पच्छाद विधानसभा क्षेत्र का घिन्नीघाड भले ही हरियाणा राज्य से सटा है लेकिन यहां की बदहाली ग्रामीणों के लिए अभिशाप बनती जा रही है। राजनैतिक और प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार यह क्षेत्र लगातार पिछड़ता जा रहा है। इन सभी मसलों को लेकर चिंतित बुद्धिजीवी वर्ग ने एक नई पहल की है। यहां रिटायर डीएफओ डॉ प्रदीप शर्मा की अगुआई में घिन्नीघाड विकास मंच अस्तित्व में आया है। जिसकी कमान रिटायर बैंक मैनेजर योगेंद्र पाल शर्मा को सौंपी गई है। रिटायर लेक्चरर राजेश शर्मा और मामराज शर्मा को भी अहम दायित्व सौंपा गया है।
घिन्नीघाड की बदहाली को लेकर चिंतित क्षेत्र की 6 पंचायतों के लोग ग्राम पंचायत-सुरला जनोट में इकट्ठे हुए जहां घिन्नीघाड़-विकास मंच का गठन किया गया। यह विशेष बैठक सेवानिवृत वनमण्डलाधिकारी एवं घिन्नीघाड़ विकास मंत्र के मुख्य संरक्षक एवं मार्गदर्शक डॉ प्रदीप शर्मा की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में विकास मंच के उद्देश्यों, आवश्यकता और इसके स्वरूप पर प्रकाश डाला। क्षेत्र की समस्याओं एवं उनके निराकरण और विकास के लिए मंच ने संभावनाओं पर चर्चा की गई। इस मौके पर योगेन्द्र पाल शर्मा (सेवानिवृत बैंक मैनेजर) ने भी अपने विचार रखे। वहीं, राजेश शर्मा, मामराज शर्मा, गोविन्द राम शर्मा ने भी क्षेत्र की बदहाली पर अपने विचार रखे। इस तरह सभी ने घिन्नीघाड के पिछड़ेपन की बात उठाई।
घिन्नीघाड विकास मंच के संरक्षक डॉ प्रदीप शर्मा ने बताया कि घिन्नीघाड क्षेत्र विकास के मामले में काफी पिछड़ गया है। इसे लेकर क्षेत्र के लोगों के सहयोग से विकास मंच गठित हुआ है। सबसे अहम बात यह रही कि इस बैठक में धिन्नीधाड क्षेत्र की समस्त पंचायतों, जामन की सैर, काटती, सुरला जनोट, कथाङ, बणी-बखौली, टिक्करी कुठार के लोग शामिल हुए। विकास मंच की कार्यकारिणी और कौर कमेटी में करीबन 50 लोगों को शामिल किया गया है जो क्षेत्र के विकास को लेकर आगे की रणनीति पर कार्य करेगी।
