उत्तराखंड: मुख्यमंत्री धामी ने पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण पर दिए अहम निर्देश

देहरादून, 2 अगस्त 2025: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए नव-निर्वाचित ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और जिला पंचायत सदस्यों के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम के निर्देश दिए। इस बैठक में ग्रामीण विकास को गति देने और पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

प्रमुख निर्देश एवं योजनाएं

  1. नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम
    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नव-निर्वाचित ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों एवं जिला पंचायत सदस्यों को आधुनिक तकनीकी, वित्तीय प्रबंधन और शासन प्रणाली का प्रशिक्षण दिया जाए। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है ।
  2. एकीकृत पंचायत भवनों का निर्माण
    मुख्यमंत्री ने राज्य में ‘एकीकृत पंचायत भवनों’ के निर्माण के निर्देश दिए। इन भवनों में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, पटवारी, आशा कार्यकर्ता आदि के लिए एक ही स्थान पर व्यवस्था होगी। इससे ग्रामीणों को सभी सरकारी सुविधाएं एक ही जगह मिल सकेंगी और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता आएगी ।
  3. ग्राम सभा स्थापना दिवस को उत्सव के रूप में मनाने की योजना
    मुख्यमंत्री ने ग्राम सभाओं के स्थापना दिवस को उत्सव के रूप में मनाने का सुझाव दिया। इसके लिए नियमित कैलेंडर तैयार करने और ग्रामवासियों के साथ संवाद करने के निर्देश दिए गए। यह उत्सव ग्राम स्तर पर होने वाले मेलों, मिलन कार्यक्रमों और अन्य विशेष अवसरों पर मनाया जा सकेगा ।
  4. ई-गवर्नेंस और रीयल टाइम मॉनिटरिंग
    पंचायत स्तर पर सभी योजनाओं की रीयल टाइम मॉनिटरिंग और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पंचायतों के कार्यों का ऑडिट कर उसे सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही प्रत्येक पंचायत में शिकायत दर्ज करने और उसके समाधान के लिए समयबद्ध ढांचा तैयार करने के भी निर्देश दिए गए ।
  5. विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास से ही प्रदेश और देश का विकास संभव है ।

अन्य महत्वपूर्ण बिंदु

  • मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों में बजट नियोजन को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
  • अगले 15 वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों के शहरीकरण का आकलन करने का निर्देश दिया गया।
  • विकास कार्यों में जनता की राय और भागीदारी को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया।
  • क्षेत्र और जिला पंचायतों में समेकित और संतुलित विकास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए ।

इस बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी पहलों से न केवल पंचायती राज संस्थाओं को मजबूती मिलेगी, बल्कि ग्रामीण विकास को भी गति मिलेगी ।

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