पांवटा साहिब के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए अब गुरु गोबिंद सिंह जी की नगरी को “श्री पांवटा साहिब” के नाम से पहचाने जाने की मांग जोर पकड़ रही है।
श्री पांवटा साहिब विकास मंच ने इस विषय में एक औपचारिक पत्र नगर निगम अध्यक्ष और गुरुद्वारा प्रबंधक समिति अध्यक्ष को भेजा है। इसमें आग्रह किया गया है कि दोनों संस्थाएं अपने-अपने सदनों में इस संबंध में प्रस्ताव पारित करें।
विकास मंच के अध्यक्ष ज्ञान सिंह चौहान ने पत्र में लिखा कि यह मांग स्थानीय जनता की भावनाओं से जुड़ी है। पांवटा साहिब गुरुगोविंद सिंह जी से गहराई से जुड़ा स्थान है। ऐसे में ‘श्री’ लगाना धार्मिक श्रद्धा और सम्मान की दृष्टि से जरूरी है।
पत्र में अनुरोध किया गया है कि प्रस्ताव की प्रति मंच को भी भेजी जाए, ताकि इसे राज्य सरकार के पास आगे बढ़ाया जा सके।
इस मांग को क्षेत्र के विधायक सुखराम चौधरी को भी समर्पित किया गया है। उनसे निवेदन किया गया है कि वे इस मुद्दे को राज्य सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाएं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि “श्री” शब्द जुड़ने से शहर की पहचान को और गरिमा मिलेगी। इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
अब देखना होगा कि यह मांग प्रशासनिक प्रक्रिया में कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और क्या राज्य सरकार इस पर कोई ठोस निर्णय लेती है। यह मामला शहर के लोगों की आस्था और सम्मान से जुड़ा है, जिससे क्षेत्र में एक नई उम्मीद जगी है।
