राज्यसभा सांसद डॉ सिकन्दर कुमार ने प्रदेश में लॉटरी शुरु करने के निर्णय की कड़ी निंदा की

राज्यसभा सांसद डा. सिकंदर कुमार ने प्रदेश में दोबारा लाॅटरी शुरू करने के निर्णय की निंदा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने 4 दिन तक लगातार कैबिनेट बैठकें करके भी जनविरोधी निर्णय लिए। पहले जाॅब ट्रेनी और अब लाॅटरी शुरू करने के निर्णय से युवा वर्ग पूरी तरह हताश और निराश है। सरकार जो भी निर्णय ले रही है, हिमाचल प्रदेश के लिए विनाशकारी सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने 1999 में लाॅटरी जैसे जनविरोधी निर्णय को वापस लिया था। इस निर्णय से न केवल युवा वर्ग बल्कि कई घर बर्बाद होने से बच गए थे और अब सुक्खू सरकार इस तरह के बर्बादी वाले निर्णय पुनः लेकर प्रदेश की युवा पीढ़ी जो सरकार से नौकरी की आस लगाए बैठी है, के लिए ये किसी आघात से कम नहीं है।

इस लाॅटरी के चक्कर में पहले भी कई घर बर्बाद हो चुके हैं, अत: सरकार को यह निर्णय तुरंत वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, सरकार ने उनकी उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है। एक तो युवा पहले नौकरी पाने के लिए टैस्ट देगा और उसके बाद रैगुलर होने के लिए फिर टैस्ट देना होगा और उस टैस्ट में पास होने के बाद ही वह रैगुलर हो सकेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है। इस तरह के निर्णय लेकर सरकार अपनी जग हंसाई करवा रही है।

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