हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से 2,100 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान

***उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार से विशेष राहत paket की मांग दोहराई

***मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंडी जिले के लिए 100 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की

***केंद्र से मदद नहीं मिलने पर प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से राहत कार्य किए

***राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने हिमाचल की जनता के साहस की प्रशंसा की

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने प्रदेशवासियों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। लोक निर्माण एवं जल शक्ति विभागों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है, जिससे राज्य को 2,100 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक झटका लगा है। इस आपदा के बीच आम जनता की परेशानियां बढ़ गई हैं, और जिलों में अधोसंरचना एवं जान-माल की भारी क्षति हुई है। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने प्रदेशवासियों की निरंतर साहस और धैर्य की सराहना की है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इस आपदा में केंद्र सरकार से पर्याप्त सहायता न मिलने की बात को जोर देकर दोहराया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से पहले भी प्रभावितों की सहायता की है और विशेष रूप से मंडी जिले के लिए 100 करोड़ रुपये का राहत पैकेज जारी किया गया है। यह पैकेज सबसे ज्यादा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र सिराज को लाभान्वित करेगा, जहां नुकसान सबसे ज्यादा हुआ है।
                    सुक्खू ने यह भी बताया कि पूर्व में भी भारी नुकसान के बावजूद केंद्र सरकार ने हिमाचल को कोई विशेष राहत पैकेज नहीं दिया था, और उस समय भाजपा नेताओं ने हिमाचल की जनता को समर्थन नहीं दिया। इस बार भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा की अगुवाई में सभी सांसद केंद्रीय मंत्रियों से मिले हैं, जो एक सकारात्मक संकेत है। वहीं, उपमुख्यमंत्री ने संघीय दृष्टिकोण से केंद्र सरकार को हिमाचल के साथ सहयोग बढ़ाने की अपील की है, ताकि प्रभावितों को और बेहतर सहायता मिल सके।
                    जल शक्ति विभाग की भारी क्षति पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है और पिछले आपदाओं के अनुभव से राहत पैकेजों में बदलाव किए हैं। सरकार ने केंद्र से विशेष राहत मदद की भी मांग उठाई है ताकि पुनर्निर्माण और पुनर्वास कार्य जल्द पूरा हो सके। प्रदेश सरकार निरंतर प्रभावितों के साथ खड़ी है और हर संभव प्रयास कर रही है कि आपदा के दुष्परिणामों को कम किया जाए।
                    हालांकि प्राकृतिक आपदाओं के खिलाफ पूरी व्यवस्था चुनौतियों से घिरी है, लेकिन हिमाचल की जनता और सरकार की प्रतिरोधक क्षमता सराहनीय है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सभी स्तरों पर आपदा प्रबंधन में जुटे हैं और केंद्र सरकार से भी सहयोग की उम्मीद बनाए रखी गई है, ताकि हिमाचल प्रदेश जल्द पुनर्निर्माण की राह पर आगे बढ़ सके।

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