रुद्रप्रयाग के बसुकेदार और चमोली के देवाल क्षेत्र में बादल फटने की घटना अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। कई परिवार मलबे में फंसे हुए हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से जुटा प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश जारी।
उत्तराखंड में मंदाकिनी नदी उफान पर: 2013 की त्रासदी के बाद पहली बार इतना खतरा, यात्रा स्थगित
रुद्रप्रयाग/देहरादून, 29 अगस्त 2025 उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर मंदाकिनी नदी को विकराल रूप दे दिया है। 2013 की भयावह आपदा के बाद यह पहला मौका है जब नदी का जलस्तर इतना खतरनाक स्तर तक पहुंचा है। केदारनाथ धाम और ऊपरी इलाकों में रातभर चली बारिश के कारण नदी उफान पर आ गई है. जिससे सरस्वती नदी भी खतरे के निशान को पार कर चुकी है। प्रशासन ने तत्काल केदारनाथ यात्रा को अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया है, जबकि नदी किनारे के गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
पिछले 48 घंटों से केदारनाथ घाटी और चमोली-रुद्रप्रयाग क्षेत्र में हो रही भारी बारिश ने अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, 28 अगस्त की रात से अब तक 200 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 300% अधिक है। इससे चोराबारी ग्लेशियर के पास जल स्तर बढ़ गया, और मंदाकिनी नदी ने सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर मलबा-पत्थरों को बहा दिया।
उत्तराखंड:रुद्रप्रयाग के बसुकेदार व चमोली के देवाल में फटा बादल
