बाहरी राज्यों की गाड़ियां रोकने पर #एक्शन…
प्रशासक और डीजीपी के पास यह शिकायत पहुंची थी कि चंडीगढ़ पुलिस बाहरी राज्यों, खासकर पंजाब और हरियाणा से आने वाली गाड़ियों को रोककर चालान करती है और ड्राइवरों को परेशान करती है। इस मामले की जांच हुई और पाया गया कि कई पुलिसकर्मी बाहरी गाड़ियों को निशाना बना रहे थे। इसी के चलते यह सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
चंडीगढ़ में अब ट्रैफिक पुलिस के जवान सड़क पर किसी भी वाहन को रोककर चालान नहीं करेंगे। डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा ने सख्त आदेश जारी करते हुए कहा है कि ट्रैफिक लाइट प्वाइंट और चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मी केवल ट्रैफिक कंट्रोल का काम करेंगे, उन्हें किसी गाड़ी को रोकने या चालान करने का अधिकार नहीं होगा।
अगर कोई जवान वाहन रोकते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह फैसला ट्रैफिक विंग को संदेश भेजा गया कि अब शहर में कोई भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी गाड़ियां नहीं रोकेगा।
चालान अब सिर्फ हाईटेक कैमरों से
ट्रैफिक पुलिस अब इन्हीं कैमरों के जरिए ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान काटेगी। शहरवासियों का कहना है कि जब इतने कैमरे लग चुके हैं, तो ट्रैफिक पुलिस का सड़क पर खड़े होकर चालान करना समझ से बाहर है।
वायरल वीडियो के बाद सस्पेंड हुआ कॉन्स्टेबल
चंडीगढ़ में 500 रुपए रिश्वत लेने का एक वीडियो सामने आने पर SSP ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी प्रवीन को सस्पेंड कर दिया है। यह वीडियो हरियाणा कि जिले पंचकूला में रहने वाले एक ब्लॉगर ने बनाकर सोशल मीडिया पर डाला था। पुलिसकर्मी रॉन्ग साइड से आने पर ब्लॉगर की गाड़ी रोकता है। ब्लॉगर रोड पर पानी भरे होने का हवाला देकर बचने की कोशिश करता है, लेकिन अंत में पुलिसकर्मी पैसे ले लेता है।
हालांकि, इसमें पुलिसकर्मी कहता सुनाई दे रहा है कि वह 500 रुपए की स्लिप दे रहा है। लेकिन, इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि चंडीगढ़ में स्लिप काटने का कोई झंझट नहीं है। यहां सभी चालान ऑनलाइन ही होते हैं। इसलिए, ट्रैफिककर्मी पर कार्रवाई की गई है।
