हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही प्राकृतिक आपदाओं के पीछे के वैज्ञानिक और पर्यावरणीय कारणों की गहराई से जांच के लिए बहु-क्षेत्रीय केंद्रीय टीम ने आज मंडी जिला के करसोग उपमंडल के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
भारी बारिश, बादल फटना और भूस्खलन जैसी घटनाओं से प्रभावित सरकोल और शंकर देहरा गांवों में टीम ने मौके पर जाकर ज़मीनी स्थिति का आकलन किया और आपदा के प्रभावों और संभावित कारणों की जानकारी जुटाई।
केंद्रीय टीम में शामिल विशेषज्ञ:
कर्नल के.पी. सिंह (सलाहकार, एनडीएमए, गृह मंत्रालय)
डॉ. एस.के. नेगी (मुख्य वैज्ञानिक, सीएसआईआर-सीबीआरआई, रुड़की)
प्रो. अरुण कुमार (भूविज्ञानी, सेवानिवृत्त, मणिपुर विश्वविद्यालय)
डॉ. सुष्मिता जोसेफ (शोध वैज्ञानिक)
डॉ. नीलिमा सत्यम (प्रोफेसर, सिविल इंजीनियरिंग, IIT इंदौर)
यह टीम प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती आवृत्ति को लेकर एक वैज्ञानिक अध्ययन कर रही है, जिससे भविष्य में ऐसी आपदाओं की रोकथाम के उपाय सुझाए जा सकें।
एसडीएम करसोग गौरव महाजन ने टीम को क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, आपदा की गंभीरता और प्रशासन की ओर से की गई राहत कार्रवाई की जानकारी दी।
इस मौके पर डीएसपी करसोग गौरवजीत सिंह, तहसीलदार वरुण गुलाटी, खंड विकास अधिकारी सुरेंद्र ठाकुर समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उम्मीद है कि इस केंद्रीय अध्ययन से हिमाचल को प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए नई नीति और तकनीकी सहयोग मिलेगा।
