उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में एक दिन पहले आई अचानक बाढ़ ने तबाही मचा दी। राहत की बात यह है कि अब तक करीब 150 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन सेना के 11 जवानों का अब भी कोई पता नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक, इस हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 50 लोग अभी भी लापता हैं। हर्षिल क्षेत्र में लापता हुए 11 सैन्यकर्मियों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें दिन-रात बचाव कार्य में जुटी हैं। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे कई गांवों में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई थी। ऊंचाई वाले इलाके में एक झील भी बन गई है, लेकिन फिलहाल पानी का स्तर कम है, जिससे खतरा नहीं है।
इसी बीच, ITBP ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। उसने किन्नौर कैलाश यात्रा मार्ग पर फंसे 413 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। दरअसल, पर्वतीय मार्ग का एक बड़ा हिस्सा बाढ़ में बह गया था। ऐसे में, जवानों ने रस्सियों का इस्तेमाल करते हुए ‘ट्रैवर्स क्रॉसिंग’ तकनीक से यात्रियों को बचाया।
रेस्क्यू टीमें अब भी लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं, जबकि गांवों में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन जारी है।
